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बॉलीवुड में अक्सर नेपोकिड्स का बोलबाला रहता है, लेकिन इस बीच में कुछ ऐसे आउटसाइडर्स हैं जिन्होंने बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई. अपने दम पर बिना किसी के सपोर्ट के इन एक्ट्रेसेस ने दौलत और शोहरत हासिल की.

नई दिल्ली. कृति सेनन आज बॉलीवुड की सबसे सफल आउटसाइडर एक्ट्रेसेस में गिनी जाती हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की. फिल्मों में उन्होंने अपना पहला कदम तेलुगु फिल्म ‘1: नेनोक्कडिने’ से रखा. साल 2014 में कृति सेनन ने टाइगर श्रॉफ के अपोजिट फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड डेब्यू किया. पहली ही फिल्म से उन्हें शानदार पहचान मिली और बेस्ट डेब्यू का अवॉर्ड भी मिला.

शुरुआती दिनों में कृति को लगातार ऑडिशन देने पड़े और खुद को साबित करना पड़ा’ बाद में ‘बरेली की बर्फी’, ‘मिमी’ और ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. आज वह फिल्मों, ब्रांड एंडोर्समेंट और अपने बिजनेस वेंचर्स के जरिए करोड़ों रुपये कमाती हैं. कृति सेनन को मिमी के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

विद्या बालन ने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई. वो 90 के दशक की उन चंद एक्ट्रेसेस में शुमार है जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के सपने देखने का साहस किया और फिर अपनी मेहनत के दम पर उन सपनों को सच कर दिखाया. उन्होंने छोटे पर्दे से शुरुआत की और टीवी शो ‘हम पांच’ से लोकप्रिय हुईं’ साल 2005 में एक्ट्रेस ने विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘परिणीता’ से एक्टिंग डेब्यू किया था.
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पहली ही फिल्म में उनके अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया. शुरुआती करियर में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. ‘द डर्टी पिक्चर’, ‘कहानी’ और ‘तुम्हारी सुलु’ जैसी फिल्मों ने उन्हें महिला प्रधान फिल्मों की सबसे भरोसेमंद स्टार बना दिया. उन्होंने अपने दमदार रोल्स से बॉलीवुड में महिला प्रधान फिल्मों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया.

अब बात करते हैं हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सशक्त अदाकारों में से एक, कंगना रनौत की. कंगना का सफर संघर्ष और सफलता की मिसाल है. हिमाचल प्रदेश से मुंबई पहुंचीं कंगना ने कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा. उनकी पहली फिल्म 2006 की ‘गैंगस्टर’ थी, जिसने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी.

शुरुआती दौर में उन्होंने पर्सनल और प्रोफेशनल चैलेंजेस का सामना किया, लेकिन अपने दमदार अभिनय से आगे बढ़ती रहीं. ‘फैशन’, ‘क्वीन’ और ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी फिल्मों ने उन्हें टॉप अभिनेत्रियों की कतार में ला खड़ा किया. कई नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी कंगना आज अभिनय के साथ निर्देशन और निर्माण भी करती हैं. वह एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये फीस लेती हैं और अपनी शर्तों पर काम करने के लिए जानी जाती हैं.

स्वरा भास्कर ने थिएटर से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की. फिल्मों में उनका शुरुआती रोल ‘माधोलाल कीप वॉकिंग’ में था, लेकिन उन्हें असली पहचान ‘तनु वेड्स मनु’ से मिली. स्वरा ने हमेशा अलग और मजबूत किरदार चुने’ ‘रांझणा’, ‘नील बटे सन्नाटा’ और ‘वीरे दी वेडिंग’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई.

तापसी पन्नू ने मॉडलिंग से करियर शुरू किया. उन्होंने साउथ फिल्मों से एक्टिंग का रुख किया और हिंदी फिल्मों में उन्होंने ‘चश्मे बद्दूर’ से शुरुआत की. शुरुआती दौर में उन्हें हल्के-फुल्के किरदार मिले, लेकिन ‘पिंक’ ने उनकी दिशा बदल दी. इसके बाद ‘मुल्क’, ‘थप्पड़’ और ‘डंकी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें गंभीर अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. तापसी अपनी प्रोडक्शन कंपनी भी चलाती हैं.

प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड 2000 का खिताब जीतने के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखा. उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाई’ थी. शुरुआती दौर में उन्हें ग्लैमरस भूमिकाएं मिलीं, लेकिन ‘ऐतराज’ और ‘फैशन’ जैसी फिल्मों ने उनकी अभिनय क्षमता साबित की और करियर को नई दिशा दी. आज प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपना डंका बजा चुकी हैं.

अनुष्का शर्मा ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की और 2008 में ‘रब ने बना दी जोड़ी’ से बॉलीवुड में कदम रखा. पहली ही फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके बाद ‘बैंड बाजा बारात’, ‘पीके’ और ‘सुल्तान’ जैसी फिल्मों ने उन्हें शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया. अनुष्का ने अपना प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया, जिसके तहत उन्होंने कई सफल प्रोजेक्ट्स बनाए.


