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एक ऐसा सुरीला गाना जो पिछले 52 साल से लोगों के दिल-दिमाग में छाया हुआ है. एक ऐसा एवरग्रीन सुपरहिट गाना जिसका एक-एक शब्द दिल में उतर जाता है. जो बिनाका गीतामाला के सालाना प्रोग्राम में दूसरे नंबर पर था. उसकी सुरीली धुन सुपर स्टार राजेश खन्ना ने बनाई थी. यह बात अलग है कि राजेश खन्ना को इसका क्रेडिट नहीं दिया गया. यह मेलोडियस गाना ही फिल्म की पहचान बना. फिल्म भी राजेश खन्ना-मुमताज की आखिरी हिट मूवी साबित हुई. वो सुरीली धुन कौन सी थी, जिसे राजेश खन्ना ने कंपोज किया था, वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…….
साल था 1972. प्रोड्यूसर जे.ओम प्रकाश ने डायरेक्शन में हाथ आजमाने का मन बनाया. वही जे.ओम प्रकाश जो कि ऋतिक रोशन के नाना थे. ‘अ’ अक्षर से फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने 1970 में एक मलयालम फिल्म का रीमेक बनाने का फैसला किया. राजेश खन्ना-मुमताज के साथ फिल्म बनाना शुरू की. नाम था : आपकी कसम. फिल्म का मुहुर्त क्लैप धर्मेंद्र ने दिया था. 70 के दशक में जब प्यार-रोमांस और दर्दभरी कहानियों का दौर था, तब ‘आपकी कसम’ ने प्यार-शक और पछतावा की कहानी को बेहद भावुक अंदाज में पर्दे पर पेश करके दर्शकों का दिल जीत लिया.
17 अप्रैल 1974 को रिलीज हुई ‘आपकी कसम’ में राजेश खन्ना-मुमताज की जोड़ी थी. फिल्म में दिखाया गया कि कैसे एक छोटा सा शक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी को बर्बाद कर सकता है. फिल्म की कहानी रिश्तों की गहराई को समझाती है. शानदार एक्टिंग, जबर्दस्त म्यूजिक, इमोशनल क्लाइमैक्स और दिल छू लेने वाली कहानी का बेजोड़ मेल थी. आज इस फिल्म की गिनती बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों में होती है.
‘आपकी कसम’ फिल्म का म्यूजिक आरडी बर्मन ने कंपोज किया था. फिल्म में कुल 6 गाने थे. फिल्म के पॉप्युलर गाने थे : चोरी चोरी चुपके चुपके, जय-जय शिवशंकर, करवटें बदलते रहे, सारी रात हम, पास नहीं आना, सुनो कहो, कहा सुना और जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम. हर गाना सुपरहिट था. ‘जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम’ राग बिहाग पर बेस्ड था. जीवन की सरल शब्दों में बयां करता है. इसी तरह गाना ‘करवटें बदलते रहे, सारी रात हम, आपकी कसम’ राग पहाड़ी पर आधारित है.
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फिल्म के म्यूजिक से जुड़ा दिलचस्प किस्सा यह है कि सचिन भौमिक ने एक फिल्म ‘राजा रानी’ बनाई थी. इसमें जे. ओम प्रकाश ने प्रोडक्शन का जिम्मा संभाला था. आरडी बर्मन का एक गाना भी रिकॉर्ड हो चुका था. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा था कि हमारा एक ही आरडी बर्मन है. कम से कम उससे दोस्ती बनी रहने दीजिए. जब जे. ओम प्रकाश ने ‘आपकी कसम’ के म्यूजिक के लिए संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से संपर्क किया तो उन्होंने नाराजगी जताई और म्यूजिक नहीं दिया. आरडी बर्मन से ही म्यूजिक लेने को कहा.
फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘जय-जय शिवशंकर’ किशोर कुमार-लता मंगेशकर की आवाज में था. गाना आनंद बख्शी ने लिखा था लेकिन इसकी धुन राजेश खन्ना ने बनाई थी. असल में आरडी बर्मन ने अलग तरह की धुन बनाने का प्रयास कर रहे थे. वो खास तरह की धुन बन नहीं पा रही थी, तब राजेश खन्ना ने इस ट्यून का आइडिया दिया था. गाने को होली के माहौल में फिल्माया गया. गाने में रंगों की मस्ती देखने को मिलती है. आज यह गाना हर होली पर बजता है. गाना बहुत ही नेचुरल और जीवंत लगता है.
फिल्म की कहानी रुटीन फिल्मों से बहुत अलग थी. पत्नी चरित्र पर लगे लांछन पर कोई जवाब नहीं देती, बस घर छोड़कर मायके चली जाती है. फिल्म पहले फ्रेस से लेकर आखिरी फ्रेम तक शानदार है. फिल्म के क्लाइमैक्स में पत्नी के पैरों में हाथ रखकर हीरो माफी मांगता है. उसे अपनी पत्नी और दोस्त के रिश्ते पर शक करने की कीमत हीरो को चुकानी पड़ती है. फिल्म का क्लाइमैक्स देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गई थीं.
फिल्म में शादी के बाद की जिंदगी में आई समस्याओं को दिखाया गया. यह उस दौर की फिल्मों से काफी अलग था. राजेश खन्ना-मुमताज की एक्टिंग शानदार थी. संजीव कुमार ने अपनी भूमिका में चार चांद लगा दिए थे. फिल्म के कुछ डायलॉग भी दर्शकों को खूब पसंद आए थे. राजेश खन्ना और मुमताज की संवाद अदायगी कमाल की थी. फिल्म के कुछ शानदार डायलॉग थे : दोस्ती पर शक करना गुनाह है, मैंने तुमसे प्यार किया था लेकिन अपने ही शक में आकर तुमने उसे खो दिया. वक्त जब सच्चाई दिखाता है तब तक हाथ से बहुत कुछ निकल चुका होता है. गलती इंसान से होती है, पर जब वही गलती जब किसी की पूरी जिंदगी बदल दे तो उसे माफ करना आसान नहीं होता. रिश्तों को तोड़ने के लिए सबूत की जरूरत नहीं होती, सिर्फ एक छोटा सा शक ही काफी होता है.
‘आपकी कसम’ फिल्म की शूटिंग मनाली में भी हुई थी. फिल्म के गानों का फिल्मांकन आकर्षक था. ‘जय-जय शिवशंकर’ गाना ओवर बजट हो गया था. डायरेक्टर जे. ओम प्रकाश ने को अलग से 50 हजार रुपये खर्च करने पड़े थे. वो बहुत ही नाराज थे और पंचम दा से अक्सर इसकी शिकायत करते रहते थे. किशोर कुमार ने गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान ‘अरे बजाओ रे बजाओ, ईमानदारी से बजाओ, अरे बजाओ, पचास हजार खर्च कर दिए’ जैसे डायलॉग अपने से बोल दिए थे. किशोर कुमार के ये शब्द नहीं हटाए गए. फिल्म का बजट 75 लाख के आसपास था और इसने 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.


