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Manoj Kumar Amitabh Bachchan Movie : कुछ गानों के बोल ऐसे होते हैं जो रोम-रोम में बस जाते हैं. हर कपल-गृहिणी के दिल की बात को आसान शब्दों में बयां करते हैं. इन कालजयी गानों को जब भी सुनते हैं मन रोमांचित हो जाता है. ‘बड़ी मस्तानी है, मेरी महबूबा’, ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ ‘तुम आ गए हो तो नूर आ गया है’, ‘लिखे जो खत तुझे वो तेरी याद में’ और ‘तेरी दो टकिया की नौकरी मेरे लाखों का सावन जाए’ जैसे सदाबहार गाने 40 साल से भी ज्यादा पुराने हैं लेकिन आज भी उतने हे फ्रेश लगते हैं. 52 साल पहले ऐसा ही एक एवरग्रीन सुपरहिट गाना रिलीज हुआ था जिसे चार सिंगर ने गाया था. फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. आज भे यह गाना हर गृहिणी, भारतीय जनमानस की पहली पसंद बना हुआ है.
‘मैं ना भुलूंगा, मैं ना भुलंगी’, ‘हाय-हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी’ जैसे गाने आज भी दिल में हलचल पैदा कर देते हैं. इन गानों को सुनते ही मन पुरानी यादों में खो जाता है. दोनों ही गाने 18 अक्टूबर 1974 को रिलीज हुई फिल्म ‘रोटी कपड़ा और मकान’ में सुनाई दिए थे. फिल्म की कहानी-गीत-संगीत सबकुछ उम्दा था. कहानी ऐसी थी कि दर्शक स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाए. मनोज कुमार सामाजिक फिल्मों को कॉमर्शियल तरीके से बनाया करते थे. इसी फिल्म का एक गाना चार सिंगर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था. वो गाना था : महंगाई मार गई. गाना आज भी हर गृहिणी की पहली पसंद बना हुआ है. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स………
‘रोटी कपड़ा और मकान’ फिल्म की कहानी-स्क्रीनप्ले, डायरेक्शन-प्रोडक्शन सबकुछ मनोज कुमार का था. मनोज कुमार ने ही फिल्म में लीड रोल निभाया था. इसके अलावा, फिल्म में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, जीनत अमान और मौसमी चटर्जी अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म की सफलता में म्यूजिक ने अहम रोल निभाया.
जब यह फिल्म आई तब अमिताभ स्टार नहीं बने थे. फिल्म देखने के बाद जया भादुड़ी ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि मनोज कुमार ने अमिताभ को वेस्ट किया है. उनका रोल ज्यादा होना चाहिए था. मनोज कुमार के निर्देशन में बनी यह इकलौती फिल्म है जिसमें अमिताभ बच्चन ने काम किया.
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कहा जाता है कि 1967 में लोकसभा चुनाव से पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ‘रोटी कपड़ा और मकान’ का नारा दिया था. फिल्म का टाइटल भी अमर हो गया. हर गृहस्थ भारतीय ‘रोटी कपड़ा और मकान’ की बात जरूर करता है. यही बुनियादी जरूरत है.
फिल्म की शूटिंग के दौरान मौसमी चटर्जी प्रेग्नेंट थी. रेप सीन के दौरान बहुत सारा आटा मुंह में चला गया था. बालों में आटा चला गया था. वो सारी रात उल्टियां करती रही थीं. ‘हाय-हाय ये मजबूरी’ गाना मौसमी चटर्जी पर फिल्माया जाना था लेकिन वो प्रेग्नेंट थीं ऐसे में सिचुएशन चेंज की गई. गाना मनोज कुमार-जीनत अमान पर फिल्माया गया.
मनोज कुमार की फिल्म में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत बहुत ही खास होता था. वो खुद भी म्यूजिक को बहुत अच्छे से समझते थे. फिल्म के सभी गाने सुपरहिट थे. ‘महंगाई मार गई’ गाना वर्मा मलिक ने लिखा था. इस गाने को लता मंगेशकर, नरेंद्र चंचल, मुकेश और जानी बाबू कव्वाल ने गाया था. जानी बाबू ने गाने में एक्टिंग भी की थी.
वैसे यह गाना और इसकी धुन 1969 में आई युसूफ कव्वाल की कव्वाली से लिए गए थे. वर्मा मलिक के गाने के बोल बदल दिए थे. इस गाने में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कई गानों की धुनें शामिल कर दी थीं. गाना साढ़े 8 मिनट का है लेकिन समा बांध देता है.
शर्मिला टैगोर को जीनत अमान वाला रोल ऑफर हुआ था लेकिन वो मौसमी चटर्जी वाली भूमिका निभाना चाहती थीं. शशि कपूर के रोल के लिए पहले नवीन निश्चल से बात की गई. फिर राजेंद्र कुमार को भी अप्रोच किया गया लेकिन बात नहीं बनी. बॉलीवुड सुपर स्टार अजय देवगन के पिता वीरू देवगन ने इस फिल्म में बतौर एक्शन डायरेक्टर काम किया था. यह उनकी डेब्यू मूवी थी.
गीतकार संतोष आनंद को ‘मैं ना भुलूंगा’ गीत के लिए बेस्ट लिरिसिस्ट का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. महेंद्र कपूर को ‘और नहीं बस और नहीं’ सॉन्ग के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. मनोज कुमार को बेस्ड डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला. 1.2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 5 करोड़ का कलेक्शन किया था. मूवी सुपरहिट साबित हुई थी.


