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Best Bollywood movies on same Story : बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक लाइन हमेशा सुनने को मिल जाती है. स्टोरी जितनी यूनिक होगी, स्क्रीनप्ले जितना शानदार होगा, फिल्म भी उतनी ही जबर्दस्त होगी. बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन करेगी. वैसे भी हर फिल्म की स्टोरी अलग होती है. फिर भी बॉलीवुड में एक ही स्टोरी पर समय-समय पर फिल्में बनती रही हैं. कहानी में रत्तीभर का फर्क ना होने के बावजूद इन फिल्मों को दर्शकों ने खूब प्यार दिया. 23 साल के अंतराल में सिनेमाघरों में चार ऐसी फिल्में रिलीज हुईं जिनकी कहानी सेम थी. चारों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर मैसिव हिट रहीं. ये चारों फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…..
फिल्म की स्टोरी सेम हो और बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन भी एक जैसा हो, ऐसा सुनना थोड़ा अजीब जरूर लगता है लेकिन बॉलीवुड में इस तरह के कई उदाहरण देखने को मिल जाते हैं. 23 साल के अंतराल में चार ऐसी फिल्में बनाई गईं जिनकी कहानी लगभग सेम थी. फिर भी हर मूवी को देखने के लिए सिनेमाघरों में दर्शक उमड़ पड़े. चारों फिल्मों की खूब चर्चा हुई. गाने खूब पॉप्युलर हुए. ये फिल्में थीं : राम और श्याम, सीता और गीता, चालबाज और कृष्ण कन्हैया. चारों फिल्मों ने बॉलीवुड को 7 बड़े सितारे दिए.
सबसे पहले बात करते हैं 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘राम और श्याम’ की जिसका निर्देशन तपी चाणक्य ने किया था. यह एक तेलुगू फिल्म का रीमेक थी. स्टोरी-स्क्रीनप्ले नरासा राजू डीवी ने लिखा था. डायलॉग कौशल भारती ने लिखे थे. फिल्म में दिलीप कुमार का डबल रोल था. दो जुड़वा भाइयों की कहानी थी. वहीदा रहमान, मुमताज, निरुपा रॉय और प्राण अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म का म्यूजिक नौशाद ने कंपो किया था. गीतकार शकील बदायुनी थे. फिल्म में कुल 6 गाने थे.
‘राम और श्याम’ में निरूपा रॉय ने दिलीप कुमार की बड़ी बहन का रोल निभाया था. उनके पति का किरदार प्राण साहब के हिस्से में आया था, वही फिल्म के मेन विलेन थे. फिल्म की शूटिंग तय समय पर नहीं हो पाई थी. फिल्म के रिलीज होने से पहले दिलीप कुमार ने 1966 में सायरा बानो से शादी रचा ली थी. दिलीप कुमार ने फिल्म की दूसरी हीरोइन के लिए मुमताज को मौका दिया था. मुमताज आगे चलकर इंडस्ट्री की बहुत बड़ी हीरोइन बनीं. दिलीप कुमार को ‘राम और श्याम’ के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. यह 1967 की दूसरी सबसे कामयाब फिल्म थी. नेट कलेक्शन करीब 2.75 करोड़ था. फिल्म सुपरहिट थी. दुनियाभर में 10 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. यह फिल्म हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई. आगे चलकर कई फिल्में इस मूवी के प्लॉट पर बनाई गईं.
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इस लिस्ट में दूसरा नाम 1972 में आई फिल्म ‘सीता और गीता’ का है जिसे रमेश सिप्पी ने डायरेक्ट किया था. फिल्म की कहानी स्क्रीनप्ले सलीम-जावेद- सतीश भटनागर ने लिखा था. फिल्म में हेमा मालिनी का डबल रोल था. दोनों जुड़वा बहनों के ऑनस्क्रीन प्रेमी संजीव कुमार और धर्मेंद्र थे. इसके अलावा, फिल्म में रूपेश कुमार, सत्येन कप्पू, हनी ईरानी और प्रतिमा देवी सपोर्टिं रोल में थे.
सलीम-जावेद ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने इस फिल्म की कहानी दिलीप कुमार की ‘राम और श्याम’ फिल्म से इंस्पायर्ड होकर लिखी थी. बस हीरो की जगह हीरोइन का डबल रोल कर दिया था. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का सबसे सुपरहिट गाना ‘हवा के साथ-साथ, घटा के संग-संग’ था जिसे कुमार कुमार ने गाया था. ‘सीता और गीता’ फिल्म के लिए हेमा मालिनी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. धर्मेंद्र संग उनकी केमिस्ट्री खूब जमी थी. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.
‘सीता और गीता’ से मिलती-जुलती कहानी पर एक और फिल्म 1989 में सिनेमाघरों में आई थी. इस बार हेमा मालिनी की जगह श्रीदेवी पर्दे पर छा गई थीं. इस फिल्म का नाम ‘चालबाज’ था जो कि 8 दिसंबर 1989 को रिलीज हुई थी. फिल्म का डायरेक्शन पंकज पाराशर ने किया था. फिल्म की स्टोरी राजेश मजूमदार ने लिखी थी. डायलॉग कमलेश पांडेय ने लिखे थे. फिल्म में सनी देओल, श्रीदेवी और रजनीकांत लीड रोल में थे. श्रीदेवी फिल्म में छा गई थी. सनी देओल और रजनीकांत सिर्फ शो पीस साबित हुए थे.
‘चालबाज’ फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म में कुल 5 गाने थे. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. फिल्म के पॉप्युलर गाने थे : तेरा बीमार मेरा दिल, किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की. इन गानों को कविता कृष्णमूर्ति ने गाया था. श्री देवी पर उनकी आवाज खूब फबती थी. श्री देवी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी.
इस लिस्ट में आखिरी नाम ‘कृष्ण कन्हैया’ फिल्म का है जो कि 9 मार्च 1990 को रिलीज हुई थी. राकेश रोशन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अनिल कपूर डबल रोल में थे. शिल्पा शिरोडकर-माधुरी दीक्षित, अमरीश पुरी और दलीप ताहिल सहायक भूमिकाओं में थे. अमरीश पुरी फिल्म के मेन विलेन थे. यह एक एक्शन कॉमेडी फिल्म थी.
‘कृष्ण कन्हैया’ का म्यूजिक राजेश रोशन ने कंपोज किया था. गीतकार इंदीवर और अनवर सागर थे. फिल्म में कुल 5 गाने थे. बताया जाता है कि अमिताभ बच्चन पहली पसंद थे लेकिन उन्होंने यह फिल्म ठुकरा दी थी क्योंकि वो उन दिनों ‘तूफान’ मूवी में डबल रोल कर रहे थे. यह फिल्म ‘राम और श्याम’ पैटर्न पर बनी चौथी फिल्म थी. अनिल कपूर ने ‘युद्ध’ फिल्म के बाद दूसरी बार किसी फिल्म में डबल रोल किया. ‘कृष्ण कन्हैया’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही. यह उस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.


